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Western Railway :- Dil Bole Baar Baar WR. WR - Abdul Rehman

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Sun May 22 03:43:35 IST
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News Posts by Jai Jawan Jai Kisan❤️

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रेलवे यूजर्स कमेटी ने स्टेशन का नाम बदलने का प्रस्ताव भी दिया है।

अभी तक आगरा में दो बडे़ रेलवे स्टेशन हैं। इसमें आगरा कैंट और फोर्ट स्टेशन पर ही यात्री सुविधा ठीकठाक हैं। ऐसे में ट्रेनों और यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे ने अब ईदगाह रेलवे स्टेशन की तस्वीर बदलने की योजना बना ली है। आगरा फोर्ट स्टेशन पर जगह की किल्लत को देखते हुए ईदगाह स्टेशन पर यात्रियों के लिए सहूलियत बढ़ाई जाएंगी। इसके अलावा ईदगाह स्टेशन का नाम बदलने का प्रस्ताव भी रेलवे को मिला है।
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ईदगाह तक होगी डबल लाइनआगरा शहर के बीचोंबीच पुलिस लाइन के पास स्थित ईदगाह रेलवे स्टेशन अब रेल प्रशासन के सुधार एजेंडे में शामिल हो गया है। आगरा कैंट और आगरा फोर्ट रेलवे स्टेशन पर विस्तार की संभावना नहीं है। ऐसे में अब रेलवे ने ईदगाह रेलवे स्टेशन को यात्री सुविधाओं से लैस करने की तैयारी की है।

आगरा रेल मंडल के डीआरएम आनंद स्वरूप ने बताया कि ईदगाह रेलवे स्टेशन पर सुविधाएं बढ़ने की तैयारी है। अभी फोर्ट से ईदगाह स्टेशन तक सिंगल लाइन है। यहां पर डबल लाइन को मंजूरी मिल गई है। ऐसे में डबल लाइन होने से आगरा बांदीकुई के बीच ट्रेनों की संख्या बढे़गी। फिलहाल स्टेशन पर कुछ ही मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव है। बाकी आधा दर्जन पैसेंजर/ईएमयू/डीएमयू रुकती हैं।

स्टेशन के विकास के साथ-साथ यहां पर अधिक ट्रेनों का ठहराव, आगरा फोर्ट से चलने वाली कुछ ट्रेनों को ईदगाह स्टेशन से चलाने की तैयारी होगी। रेलवे का मकसद स्टेशन पर यात्रियों की संख्या बढ़ाना है। इसके लिए उन्हें सुविधाएं मुहैया करानी होंगी।

आगरा सेंट्रल हो सकता है ईदगाह स्टेशन का नामईदगाह स्टेशन का नाम बदलने को लेकर रेलवे यूजर्स कमेटी की ओर से प्रस्ताव दिए गए हैं। इसका नाम ईदगाह की जगह आगरा सेंट्रल करने का प्रस्ताव है। डीआरएम ने बताया कि इस तरह के प्रस्ताव रेलवे यूजर्स कमेटी की ओर से मिले हैं। अभी रेलवे की प्राथमिकता स्टेशन पर यात्री सुविधा बढ़ाने की है।

अभी केवल एक फुटओवर ब्रिज और दो एंट्रीफिलहाल ईदगाह रेलवे स्टेशन पर अभी केवल एक फुटओवर ब्रिज, तीन प्लेटफार्म, दो एंट्री गेट हैं। स्टेशन की खासियत है कि यह करीब आधे शहर को कवर कर सकता है। देश के पूर्वी हिस्से को पश्चिमी हिस्से से जोड़ने वाली लाइन स्टेशन से गुजरती है। रेल प्रशासन स्टेशन का विकास करता है तो यहां पर एस्केलेटर, लिफ्ट, अतिरिक्त एफओबी, पीआरएस काउंटर की बढ़ोत्तरी, जनरल टिकट विंडो में बढ़ोत्तरी, वाटर एटीएम, एसी वेटिंग रूम, क्लॉक रूम, खानपान स्टॉल में बढ़ोत्तरी करनी होगी।ट्रेनों का बढ़ेगा ठहराव तो आएंगे यात्री

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Delhi-Ahmedabad Bullet Train Latest News: अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन (Mumbai-Ahmedabad Bullet Train Project Latest News) परियोजना के बाद, गुजरात में जल्द ही अहमदाबाद-दिल्ली रूट पर दूसरी हाई स्पीड रेल परियोजना शुरू होने वाली है. रेल मंत्रालय ने सर्वे और एक विस्तृत परियोजना (Rajasthan Bullet Train Map) रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का फैसला लिया है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में एक लिखित जवाब में यह जानकारी दी. फिलहाल, मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड ट्रेन देश में एकमात्र स्वीकृत बुलेट ट्रेन (Rajasthan Bullet Train Details in Hindi) परियोजना है जिसे जापान से तकनीकी और वित्तीय सहायता से क्रियान्वित किया जा रहा है. सरकार 7 हाई स्पीड रेल प्रोजेक्ट पर विचार कर रही है जिसमें दिल्ली से अहमदाबाद के बीच हाई स्पीड बुलेट ट्रेन (Rajasthan Bullet train Project) भी शामिल है. यह ट्रेन राजस्थान के 7 जिलों जयपुर, अलवर, उदयपुर, अजमेर, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर और भीलवाड़ा से गुजरेगी.

अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन परियोजना के बाद, गुजरात में जल्द ही अहमदाबाद-दिल्ली हाई स्पीड रेल परियोजना पर काम शुरू होगा. रेल मंत्रालय ने सर्वे और एक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने का फैसला लिया है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शीतकालीन सत्र में संसद में एक लिखित जवाब में यह जानकारी दी थी. फिलहाल, मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड ट्रेन देश में एकमात्र स्वीकृत बुलेट ट्रेन परियोजना है जिसे जापान से तकनीकी और वित्तीय सहायता से क्रियान्वित किया जा रहा है. सरकार की 7 हाई स्पीड रेल परियोजनाओं की योजना है जिसमें दिल्ली-वाराणसी, दिल्ली-अमृतसर, दिल्ली-अहमदाबाद, मुंबई-नागपुर, मुंबई-हैदराबाद और चेन्नई-बेंगलुरु-मैसूर और वाराणसी-हावड़ा शामिल हैं.

दिल्ली-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना (Delhi-Ahmedabad Bullet Train) का सबसे ज्यादा लाभ राजस्थान को मिलेगा. बुलेट ट्रेन राजस्थान (Rajasthan Bullet Train News) के 7 जिलों जयपुर, अलवर, उदयपुर, अजमेर, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर और भीलवाड़ा से गुजरेगी. इस परियोजना से राजस्थान के कुल 337 गांव प्रभावित होने की संभावना है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, प्रोजेक्ट का कुल ट्रैक 875 किलोमीटर लंबा होगा. इसमें से 657 किलोमीटर लंबा ट्रैक राजस्थान के 6 जिलों से गुजरेगा. राजस्थान में कुल 9 स्टेशन प्रस्तावित हैं. दिल्ली के द्वारका के सेक्टर 27 से इस बुलेट ट्रेन का ट्रैक शुरू होगा. हरियाणा के स्टेशन मानेसर और रेवाड़ी में प्रस्तावित हैं. फिर अलवर के रास्ते यह बुलेट ट्रेन राजस्थान में एंट्री लेगी.

बुलेट ट्रेन राजस्थान के 7 जिलों जयपुर, अलवर, उदयपुर, अजमेर, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर और भीलवाड़ा से गुजरेगी. ट्रेन की रफ्तार 320 किलोमीटर प्रति घंटे होगी. राजस्थान में बहरोड़, शाहजहांपुर, जयपुर, अजमेर, विजयनगर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, उदयपुर और डूंगरपुर में स्टेशनों का निर्माण प्रस्तावित है. दिल्ली से अहमदाबाद के बीच हाई स्पीड एलिवेटेड बुलेट ट्रेन चलने से राजस्थान की स्मार्ट सिटी उदयपुर को भी बड़ा फायदा होगा. उदयपुर जिले में 1 किलोमीटर से कम दूरी की 8 टनल बनाई जाएंगी. उदयपुर जिले में कुल 127 किमी का ट्रैक बनेगा.

दिल्ली-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर का प्रस्तावित ट्रैक दिल्ली के द्वारका सेक्टर 21 से शुरू होगा और चौमा में गुरुग्राम में प्रवेश करेगा. हरियाणा में मानेसर (गुरुग्राम) और रेवाड़ी में दो स्टेशन प्रस्तावित हैं. फिर यह ट्रैक दिल्ली-जयपुर रेलवे लाइन के साथ अलाइन करने के लिए शाहजहांपुर टोल प्लाजा (हरियाणा-राजस्थान सीमा) पर दिल्ली-जयपुर राजमार्ग में शामिल होगा. राजस्थान में यह कॉरिडोर अलवर के शाहजहांपुर बॉर्डर से प्रवेश करेगा. फिर राष्ट्रीय राजमार्ग 48 के समानांतर जयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर में अहमदाबाद तक जाएगा. अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी कारणों से पूरे ट्रैक को अलग तरह से बनाया जाएगा.

बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए उदयपुर जिले में 1 किलोमीटर से कम दूरी की 8 टनल बनाई जाएंगी. इससे यह ट्रैक 5 नदियों के ऊपर से होकर गुजरेगा. बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पर दो नए स्टेशन मानेसर और रेवाड़ी प्रस्तावित किए गए हैं. प्रोजेक्ट का सबसे ज्यादा फायदा राजस्थान को होगा, जिसमें दस स्टेशन बनेंगे. राजस्थान में बहरोड़, शाहजहांपुर, जयपुर, अजमेर, विजयनगर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, उदयपुर और डूंगरपुर में स्टेशनों का निर्माण प्रस्तावित है. नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड की ओर से दिल्ली से अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के सर्वे का काम पूरा हो चुका है. राजस्थान में यह कॉरिडोर अलवर के शाहजहांपुर बॉर्डर से प्रवेश करेगा. फिर राष्ट्रीय राजमार्ग 48 के समानांतर जयपुर, अजमेर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर में अहमदाबाद तक जाएगा.

दिल्ली-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन का रूट इस तरह से चुना गया है, ताकि भूमि का अधिग्रहण आसानी हो सके. इसके लिए नेशनल हाईवे 48 के समानांतर बुलेट ट्रेन का ट्रैक गुजरेगा. गुजरात में तीन स्टेशन बनेंगे. कुल 15 स्टेशनों में द्वारका (दिल्ली), मानेसर (गुरुग्राम), रेवाड़ी (हरियाणा), बहरोड़, शाहपुरा, जयपुर, अजमेर, विजय नगर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, डूंगरपुर (राजस्थान), हिम्मत नगर, गांधीनगर और अहमदाबाद (गुजरात) शामिल हैं. दिल्ली-हरियाणा सरकार ने बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. स्वाइल टेस्टिंग और सड़कों के चौड़ीचरण का काम शुरू हो चुका है. हालांकि आवास एवं शहरी मंत्रालय की ओर अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है. अधिकारियों का कहना है कि जमीन का अधिग्रहण करने में 3-4 साल का समय लग सकता है.



Delhi-Ahemdabad Bullet Train: उदयपुर में बनेंगी 8 सुरंगें, रेवाड़ी से राजस्थान आएगी बुलेट ट्रेन, जानिए सबकुछ
Railway News भारत की पहली सेमी हाइ स्‍पीड ट्रेन वंदे भारत एक्‍सप्रेस को पटना तक चलाने के लिए रेलवे ने तैयारी तेज कर दी है। इसके लिए रेलवे ने दो खास योजनाओं पर काम शुरू कर दिया है।



पटना,
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जागरण टीम। Bihar Rail News: पूर्व मध्य रेलवे देश की पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्‍सप्रेस को पटना रूट पर चलाने की तैयारी में जोर-शोर से लगा हुआ है। इसके लिए रेलवे की ओर से दो योजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। इन दोनों काम को इसी साल दिसंबर तक पूरा कर लिये जाने की संभावना है। पूरी कवायद का मकसद रेलवे ट्रैक को उच्‍च गति ट्रेनों के परिचालन के लिहाज से सुरक्षित बनाना है। आपको बता दें कि पंडित दीन दयाल उपाध्‍याय जंक्‍शन से बक्‍सर, आरा, पटना, मोकामा के रास्‍ते झाझा तक का रेलवे ट्रैक घनी आबादी वाले इलाके से गुजरता है। इसके कारण रेलवे ट्रैक पर कई बार आम लोगों या मवेशियों के साथ हादसे होते रहते हैं।





रेलवे ट्रैक पर लग रहे अधिक मजबूत स्‍लीपर

पटना से झाझा तक रेलवे की ओर से जहां एक ओर पटरियों को अपग्रेड किया जा रहा है, वहीं डीडीयू जंक्शन से लेकर झाझा स्टेशन तक की रेल पटरी के दोनों तरफ कंक्रीट की छह फीट ऊंची दीवार खड़ी की जा रही है। रेलवे की ओर से इस रेलखंड पर अधिक मजबूत उच्‍च गुणवत्‍ता के स्‍लीपर लगाए जा रहे हैं। इससे ट्रैक अधिक भार झेलने में सक्षम हो सकेगा।





बाउंड्री बनाने पर खर्च होंगे 345 करोड़ रुपए

बताया जा रहा है कि रेलवे ने ट्रैक के दोनों ओर बाउंड्री बनाने के लिए 345 करोड़ रुपए खर्च करने की योजना बनाई है। आपको बता दें कि पीडीडीयू जंक्‍शन से झाझा तक फिलहाल रेलवे ट्रैक पर ट्रेनों के लिए अधिकतम स्‍वीकृत रफ्तार 130 किलोमीटर प्रति घंटे है। कोविड काल से पहले इस ट्रैक पर अधिकतम स्‍वीकृत गति सीमा 110 किलोमीटर प्रति घंटे ही थी। ट्रैक और पुलियों को दुरुस्‍त करने के बाद इसे बढ़ाया गया था। लेकिन, भारत की पहली सेमी हाई स्‍पीड ट्रेन के लिए अधिकतम स्‍वीकृत गति सीमा फिलहाल 160 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है। इसे देखते हुए ट्रैक को एक बार फिर अपग्रेड किया जा रहा है। आपको बता दें कि पीडीडीयू - गया सेक्‍शन पर भी ट्रेनों की गति बढ़ाने पर काम हो रहा है।





रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें
विस्तार केंद्र सरकार की ओर से बजट में किए गए 400 नई वंदे भारत ट्रेनों के एलान ने देश में हाई स्पीड ट्रेनों का सपना देखने वाले रेलयात्रियों के लिए नई उम्मीदें जगाईं। अब खुद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने खुशखबरी देते हुए कहा है कि नई वंदे भारत ट्रेन सेवाओं के मार्गों और समय सारिणी को जल्द ही अंतिम रूप दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि अगस्त-सितंबर से नए रैक आने की उम्मीद है।विज्ञापनवैष्णव ने मध्य रेलवे नेटवर्क पर ठाणे और दिवा के बीच 5वीं और 6ठी लाइन शुरू करने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि 75 वंदे भारत ट्रेनों का निर्माण किया जा रहा है, जबकि केंद्रीय बजट में और 400 रैक बनाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘मार्ग और समय सारिणी को जल्द ही अंतिम रूप दिया जाएगा। देश के सभी हिस्सों को ये सेवाएं मिलेंगी। इन ट्रेनों का...
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निर्माण रेलवे के चेन्नई कारखाने में किया जा रहा है। इन ट्रेनों का डिस्पैच अगस्त-सितंबर से शुरू होगा।’’रेल मंत्री वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुरानी ट्रेनों को नए ‘रोलिंग स्टॉक’ के साथ बदलने की दृष्टि दी थी और दो वंदे भारत ट्रेनें, जो 2019 में शुरू हुईं थीं, दुनिया भर में देश की पहचान बन गईं। उन्होंने यह भी कहा कि ठाणे और दिवा के बीच नई लाइनें यहां परिवहन का एक नया अध्याय हैं, जिससे मुंबई, ठाणे और कल्याण के एक लाख से अधिक लोग सुविधाजनक तरीके से यात्रा कर सकते हैं।
Feb 14 (06:43) एकता एक्सप्रेस का संचालन करवाने के लिए सौंपा ज्ञापन (m.jagran.com)
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News Entry# 477586  Blog Entry# 5217608   
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Trains:  Ekta Express/14795  
भारतीय रेल आम जनमानस के जीवन की जीवनदायनी हैं जिसमें सफर करके देश के लाखों लोग अपने गंतव्य तक पहुंचकर अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं ।

जागरण संवाददाता, भिवानी: भारतीय रेल आम जनमानस के जीवन की जीवनदायनी हैं जिसमें सफर करके देश के लाखों लोग अपने गंतव्य तक पहुंचकर अपने परिवार का पालन पोषण करते हैं । कोरोना काल में हर क्षेत्र प्रभावित हुआ है भारतीय रेल भी इससे अछूता नहीं रहा। जिससे गाड़ियों का आवागमन एवं अन्य सुविधाएं अब तक सामान्य नहीं हो पाई है जिससे आम जनता को
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इसका खामियाजा आजतक भुगतना पड़ रहा हैं। दैनिक रेल यात्रा जनकल्याण संघ ने अपनी मांगों और मुद्दों को लेकर सांसद धर्मबीर के नेतृत्व में राज्यमंत्री जनरल वीके सिंह को ज्ञापन सौंपा। इसमें एकता एक्सप्रेस को चलाने की मांग की गई।



प्रधान महाबीर डालमिया ने कहा कि गाड़ी संख्या 14795/96 एकता एक्सप्रेस जो कि पिछले 2 साल से बन्द हैं उसे स्वतंत्र गाड़ी बना कर एलएचबी कोच में रेवाड़ी से चलाए जाए। उन्होंने कहा कि आपको ज्ञात है कि एकता एक्सप्रेस गाड़ी जोकि भिवानी से चलकर वाया चंडीगढ़ कालका तक पिछले लगभग 30 वर्षों से संचालित हो रही थी जो कि काफी समय से बंद है। इस गाड़ी में यात्रा करने वाले दैनिक यात्री, कर्मचारी, चंडीगढ़ हाईकोर्ट के केसों को निपटाने के लिए जाने वाले एडवोकेट, निम्न एवं मध्यम वर्ग के हजारों दैनिक यात्री जोकि अपनी रोजी-रोटी के लिए चंडीगढ़ आते जाते थे। अब उनको काफी समय से आर्थिक व मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा हैं। उन्होंने इस गाड़ी को स्वतंत्र गाड़ी बना कर रेवाड़ी से चलाकर कालका तक किया जाने की मांग की। इस अवसर पर दैनिक रेल यात्री जनकल्याण संघ के प्रधान महाबीर डालमिया, रामप्रसाद राठौड़, ललित शर्मा, संतोष अग्रवाल, प्रदीप भार्गव, अमित राठौड़ आदि मौजूद थे।

Edited By Jagran

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