Spotting
 Timeline
 Travel Tip
 Trip
 Race
 Social
 Greeting
 Poll
 Img
 PNR
 Pic
 Blog
 News
 Conf TL
 RF Club
 Convention
 Monitor
 Topic
 #
 Rating
 Correct
 Wrong
 Stamp
 PNR Ref
 PNR Req
 Blank PNRs
 HJ
 Vote
 Pred
 @
 FM Alert
 FM Approval
 Pvt
News Super Search
 ↓ 
×
Member:
Posting Date From:
Posting Date To:
Category:
Zone:
Language:
IR Press Release:

Search
  Go  
dark mode

WAP-7 - दिल तुझपे कुर्बान

Full Site Search
  Full Site Search  
Just PNR - Post PNRs, Predict PNRs, Stats, ...
 
Thu May 19 18:07:42 IST
Home
Trains
ΣChains
Atlas
PNR
Forum
Quiz Feed
Topics
Gallery
News
FAQ
Trips
Login
Advanced Search

News Posts by Prakhar Yadav

Page#    Showing 1 to 5 of 414 news entries  next>>
रेलवे अब एटा के रेलवे स्टेशन को मालगाड़ियों का हब बनाने जा रहा है। यहां अब तक केवल एक ट्रैक बरहन से आगरा तक बिछा हुुआ है। इसके विद्युतीकरण का काम समाप्त होने के कगार पर है। वहीं रेलवे स्टेशन के दक्षिण दिशा की ओर मालगाड़ियों को खड़ा करने के लिए नया ट्रैक बिछाया जाएगा। यहां दो ट्रैक बिछाए जाएंगे, इससे मालगाड़ियां आसानी से खड़ी हो सकें। वहीं प्लेटफार्म की लंबाई बढ़ाई जाएगी और सिग्नलों को दुरुस्त कराया जाएगा। विज्ञापनप्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा की गई थी स्थापना एटा रेलवे की स्थापना सन 1949 में तत्कालीन देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा की गई थी। मंडल का पुराना रेलवे स्टेशन होने के बावजूद यहां सवारी गाड़ियों का आवागमन ज्यादा नहीं रहा। एक मात्र पैसेंजर ट्रेन बरहन से एटा तक आती और जाती है। हालांकि इस एक मात्र सवारी गाड़ी से जलेसर और अवागढ़ सहित ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को...
more...
बड़ी सहूलियत रहती है। यह बात अलग है कि कोरोना संक्रमण काल से यह ट्रेन बंद चल रही है। उत्तर मध्य रेलवे के जूनियर इंजीनियर धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि मालगाड़ियों में वैगन की संख्या ज्यादा होती है, इससे उनकी लंबाई ज्यादा हो जाती है। अभी तक एटा में रेलवे ट्रैक की लंबाई कम है, केवल रेलवे स्टेशन के सामने ही दो ट्रैक हैं जिन पर मालगाड़ियां खड़ी हो पाती हैं। इनके सिग्नल भी सवारी गाड़ियों के अनुसार लगाए गए हैं। डीआरएम मोहित चंद्रा के आदेश के बाद अब दक्षिण दिशा की ओर रेलवे की खाली पड़ी जमीन पर रेलवे द्वारा दो ट्रैक बनाए जाएंगे। जहां मालगाड़ियां आराम से खड़ी हो सकें।  वहीं वर्तमान ट्रैक के सिग्नल भी दुरुस्त कर आगे लगवाए जाएंगे। जवाहर तापीय परियोजना के लिए एटा रेलवे स्टेशन से सीधी मालगाड़ी गुजरेंगी, इस दौरान यहां यूरिया और सीमेंट की रैक लेकर आने वाली मालगाड़ियों के लिए अलग से दो ट्रैक बनवाए जाएंगे। मलावन तक बन रहा रेलवे ट्रैकमलावन में 620-620 मेगावाट की दो इकाईयां लगाई जा रही हैं। मलावन स्थित जवाहर विद्युत तापीय परियोजना में काम द्रुत गति से चल रहा है। इसी प्लांट के लिए कोयला और पेट्रोलियम पदार्थ ले जाने के लिए वर्तमान में यहां एटा से मलावन तक रेलवे ट्रैक बिछाया जा रहा है। रेलवे रोड होगा बाधितजीटी रोड पर जाम लगने की स्थिति में कासगंज और अलीगढ़ से आने वाले छोटे वाहन रेलवे रोड होकर निकल आते हैं, यहां मालगाड़ियों का संचालन शुरू होने के बाद इस रास्ते से निकलने में लोगों को दिक्कत होगी। कारण रेलवे प्लेटफार्म के मात्र दस मीटर आगे ही सड़क और क्रॉसिंग है, जो आने वाले समय में अधिकांश बंद रहा करेगी। विज्ञापन
विस्तार उत्तर मध्य रेलवे द्वारा एटा रेलवे स्टेशन से मलावन स्थित जवाहर तापीय परियोजना तक रेलवे लाइन का काम किया जा रहा है, लेकिन कुछ किसानों द्वारा जमीन न देने की वजह से कार्य लटका हुआ है। अब शासन की ओर से किसानों की भूमि का अनिवार्य (जबरन) रूप से अधिग्रहण करने के निर्देश दे दिए गए हैं। जमीन अधिग्रहीत कर रेलवे को उपलब्ध कराई जाएगी।विज्ञापनएटा रेलवे स्टेशन से मलावन स्थित जवाहर तापीय परियोजना तक नई रेल लाइन का काम चल रहा है। इसके लिए करीब 140 किसानों ने अभी तक भूमि नहीं दी है। कई छोटे व मझले किसान हैं जो बाहर रहते हैं और जमीन देने के लिए नहीं पहुंच रहे हैं। ऐसे में प्रशासन द्वारा इन किसानों की भूमि का अनिवार्य अधिग्रहण किए जाने का आदेश जारी किया गया है। इसके लिए किसानों को निर्धारित मुआवजा दिया जाएगा। यह प्रक्रिया एक माह के अंदर की जाएगी। वहीं नगला गोकुल...
more...
से आगे वन विभाग ने रेलवे को अपनी जमीन पर रेल लाइन बिछाने के लिए एनओसी दे दी है। जवाहर तापीय परियोजना के अवर अभियंता सुमंत सिंह ने बताया कि  एटा रेलवे स्टेशन से जवाहर तापीय परियोजना तक करीब 140 किसानों द्वारा भूमि नहीं दी गई है। इन किसानों की भूमि अनिवार्य अधिग्रहीत की जाएगी और निर्धारित मुआवजा उनको दिया जाएगा। लूप लाइन के समानांतर बिछाया जा रहा ट्रैकबता दें शहर के रेलवे स्टेशन से जवाहर तापीय परियोजना तक रेलवे लाइन का विस्तार किया जा रहा है। स्टेशन के आगे तीन लूप लाइन बिछाई जा रही हैं, जहां पर मालगाड़ी खड़ी हो सकें। वहीं लूप लाइन के पास नगला गोकुल गांव की तरफ एक नया ट्रैक बिछाया जा रहा है जिसे जवाहर तापीय परियोजना तक ले जाया जाएगा।

Rail News
Yesterday (12:07)
Prakhar Yadav^~   6218 blog posts
Re# 5348956-1            Tags   Past Edits
FYI
May 12 (18:42) यूपी: कानपुर सेंट्रल पर लोड होगा कम, गोविंदपुरी जल्द बनेगा सैटेलाइट स्टेशन (www.amarujala.com)
New Facilities/Technology
NCR/North Central
0 Followers
8310 views

News Entry# 486000  Blog Entry# 5342780   
  Past Edits
May 12 2022 (18:42)
Station Tag: Kanpur Central/CNB added by Prakhar Yadav/622971

May 12 2022 (18:42)
Station Tag: Govindpuri Junction (Kanpur)/GOY added by Prakhar Yadav/622971
विस्तार गोविंदपुरी रेलवे स्टेशन को कानपुर सेंट्रल का वैकल्पिक यानी सैटेलाइट स्टेशन बनाने की सबसे बड़ी जरूरत वाटरिंग सिस्टम का काम जल्द पूरा होने वाला है। अब गोविंदपुरी स्टेशन पर भी दूर से आने वाली या यहां से संचालित होने वाली ट्रेनों के कोचों में पानी भरने की व्यवस्था होगी। अभी तक कानपुर में सिर्फ सेंट्रल स्टेशन पर ही कोचों में पानी भरने की व्यवस्था है। कानपुर से होकर चलने वाली कई लंबी दूरी की ट्रेनों को ट्रायल के तौर पर अभी गोविंदपुरी से गुजारा जा रहा है। यह ट्रेनें सेंट्रल स्टेशन नहीं आती हैं।विज्ञापनगोविंदपुरी रेलवे स्टेशन को रेलवे सैटेलाइट स्टेशन के तौर पर विकसित कर रहा है। इसके लिए सबसे बड़ा काम डायमंड क्रॉसिंग को खत्म किया गया। इससे गोविंदपुरी स्टेशन से झांसी और दिल्ली रूट पर जाने के लिए अलग-अलग रेलवे लाइन हो गई। पहले इस क्रॉसिंग की वजह से झांसी से गोविंदपुरी स्टेशन आने वाली ट्रेन भीमसेन के...
more...
आगे तब तक रुकी रहती थी, जब तक दिल्ली से आने वाली ट्रेनों को रेड सिग्नल न दिया जाए। दिल्ली रूट ज्यादा व्यस्त है। ऐसे में जब झांसी रूट की ट्रेनों को हरी झंडी मिलती तो दिल्ली की ट्रेनें एक के पीछे एक खड़ी हो जाती थीं। अब दोनों लाइनें स्वतंत्र हैं। इसके अलावा स्टेशन पर कोच इंडिकेशन बोर्ड, ट्रेनों की जानकारी देने वाला इलेक्ट्रॉनिक डिस्पले, फ्रीजर, नई लूप लाइनें और प्लेटफार्मों का सुधार हो चुका है। वाटरिंग सिस्टम के लिए ट्रैक के बीच पाइप लगा दिए गए हैं। इसका कनेक्शन ओवरहेड टैंक से होगा। कानपुर के सांसदों ने रेलवे अफसरों से यहां पर फूड प्लाजा, वीआईपी यात्री प्रतीक्षालय भी जल्द बनाने की मांग की है।कानपुर सेंट्रल पर ट्रेनों का लोड बहुत है। लंबी दूरी की कई नियमित और स्पेशल ट्रेनें अब सेंट्रल के बजाय गोविंदपुरी से ही प्रयागराज रूट पर आनाजाना कर रही हैं। गोविंदपुरी को विकसित करने का काम तेजी से चल रहा है। वाटरिंग सिस्टम का काम पूरा होने वाला है। इससे ट्रेनों के कोचों में पानी भरने की सुविधा होगी। - हिमांशु शेखर उपाध्याय, निदेशक, कानपुर सेंट्रलविज्ञापन

Rail News
7208 views
May 12 (18:53)
Arpan
Arpan~   4148 blog posts
Re# 5342780-1            Tags   Past Edits
Is there any plan to construct extra PFs here ? And can this station be renamed as Kanpur Junction? It will be beneficial for long distance passengers who doesn't know Govindpuri is in Kanpur. What say guys or any other solution?

6678 views
May 12 (19:30)
Prakhar Yadav^~   6218 blog posts
Re# 5342780-2            Tags   Past Edits
pf 3 has been operational since a while.
Kanpur Junction is already a defunct station.
Though it can renamed as Kanpur South as station is located in southern suburb of Kanpur.

5385 views
May 12 (19:37)
Arpan
Arpan~   4148 blog posts
Re# 5342780-3            Tags   Past Edits
It will be more beneficial if 2 more PFs are constructed there then more new trains can be taken there. Jab Kanpur Junction defunct ho chuka hai to naam use krne me koi problem to nhi honi chaahie. But still Kanpur South also works.

5710 views
May 12 (19:38)
Arpan
Arpan~   4148 blog posts
Re# 5342780-4            Tags   Past Edits
BTW where was Kanpur Junction located? Is the station still remains there or completely demolished?

5976 views
May 12 (19:41)
Proud Bihaari
Railfan_bihari~   5094 blog posts
Re# 5342780-5            Tags   Past Edits
Where was kanpur junction located and why was it abondoned ?? Please share the story..
Apr 28 (13:25) Kanpur Metro News : नौबस्ता से बर्रा आठ के बीच मेट्रो चलाने के लिए बनाने होंगे तीन स्टेशन (www.jagran.com)
Metro
UPMRCL/Kanpur Metro
0 Followers
4521 views

News Entry# 484475  Blog Entry# 5327218   
  Past Edits
Apr 28 2022 (13:25)
Station Tag: Kanpur Central/CNB added by Prakhar Yadav/622971
Stations:  Kanpur Central/CNB  
कानपुर में पहले चरण में आइआइटी से मोतीझील होते हुए नौबस्ता गल्ला मंडी तक मेट्रो ट्रेन का संचालन होना है। इसके बाद दूसरे चरण में सीएसए से बर्रा-8 के बीच चलाने की तैयारी है। इससे दक्षिण क्षेत्र की बड़ी आबादी को फायदा मिलेगा।
कानपुर, जागरण संवाददाता। नौबस्ता से बर्रा के बीच भी मेट्रो दौड़ाने की तैयारी है। दोनों जगहों के बीच की पांच किलोमीटर की दूरी में तीन स्टेशन बनाए जा सकते हैं। फिलहाल योजना का प्रस्ताव सामने आया है और इस रूट का निरीक्षण करने के बाद इसकी योजना शासन को भेजी जाएगी। मंडलायुक्त डा. राजशेखर की अध्यक्षता में मंगलवार को कानपुर समग्र विकास योजना की बैठक में समन्वयक नीरज श्रीवास्तव ने नौबस्ता से बर्रा के बीच लगभग पांच किलोमीटर
...
more...
का मेट्रो ट्रैक और बनाने का प्रस्ताव दिया। मेट्रो के मुख्य परियोजना अधिकारी अरविंद कुमार ने भी इस पर हामी भरी है। अगर इस रूट पर काम होता है तो झकरकटी बस अड्डे और रेलवे स्टेशन तक दक्षिण क्षेत्र की बड़ी आबादी की पहुंच आसान हो जाएगी। इस रूट पर ट्रेन चलाने के लिए परियोजना निदेशक कानपुर मेट्रो परीक्षण करेंगे उसके बाद इसका प्रस्ताव प्रमुख सचिव आवास को भेजा जाएगा । Ramadan 2022 : सहरी के लिए मुस्लिम दोस्तों को जगाते हैं सुनील, कानपुर में रमजान भर निभाते जिम्मेदारी यह भी पढ़ें पहले चरण के प्राथमिक कारिडोर आइआइटी से मोतीझील के बीच मेट्रो चलनी शुरू हो गई है। इसी चरण में मोतीझील से चुन्नीगंज, सेंट्रल स्टेशन, टाटमिल होते हुए नौबस्ता गल्ला मंडी तक ट्रैक बिछाया जाना है। इस रूट पर कुल 21 स्टेशन होंगे और यहां काम भी शुरू हो चुका है। दूसरे चरण में चंद्रशेखर कृषि आजाद विश्वविद्यालय (सीएसए) से बर्रा-8 तक मेट्रो का कारिडोर बनाया जाना है। इस रूट पर आठ स्टेशन होंगे। दोनों कारिडोर में बर्रा-8 से नौबस्ता गल्ला मंडी के बीच का क्षेत्र मेट्रो की सुविधा से छूट रहा था। अगर इस रूट पर मेट्रो चलेगी तो दोनों क्षेत्र आपस में जुड़ जाएंगे और इस क्षेत्र की बड़ी आबादी सीधे बस अड्डे और रेलवे स्टेशन तक पहुंच सकेगी। Edited By: Abhishek Agnihotri
कानपुर, जागरण संवाददाता। नौबस्ता से बर्रा के बीच भी मेट्रो दौड़ाने की तैयारी है। दोनों जगहों के बीच की पांच किलोमीटर की दूरी में तीन स्टेशन बनाए जा सकते हैं। फिलहाल योजना का प्रस्ताव सामने आया है और इस रूट का निरीक्षण करने के बाद इसकी योजना शासन को भेजी जाएगी।
मंडलायुक्त डा. राजशेखर की अध्यक्षता में मंगलवार को कानपुर समग्र विकास योजना की बैठक में समन्वयक नीरज श्रीवास्तव ने नौबस्ता से बर्रा के बीच लगभग पांच किलोमीटर का मेट्रो ट्रैक और बनाने का प्रस्ताव दिया। मेट्रो के मुख्य परियोजना अधिकारी अरविंद कुमार ने भी इस पर हामी भरी है। अगर इस रूट पर काम होता है तो झकरकटी बस अड्डे और रेलवे स्टेशन तक दक्षिण क्षेत्र की बड़ी आबादी की पहुंच आसान हो जाएगी। इस रूट पर ट्रेन चलाने के लिए परियोजना निदेशक कानपुर मेट्रो परीक्षण करेंगे उसके बाद इसका प्रस्ताव प्रमुख सचिव आवास को भेजा जाएगा ।

पहले चरण के प्राथमिक कारिडोर आइआइटी से मोतीझील के बीच मेट्रो चलनी शुरू हो गई है। इसी चरण में मोतीझील से चुन्नीगंज, सेंट्रल स्टेशन, टाटमिल होते हुए नौबस्ता गल्ला मंडी तक ट्रैक बिछाया जाना है। इस रूट पर कुल 21 स्टेशन होंगे और यहां काम भी शुरू हो चुका है। दूसरे चरण में चंद्रशेखर कृषि आजाद विश्वविद्यालय (सीएसए) से बर्रा-8 तक मेट्रो का कारिडोर बनाया जाना है। इस रूट पर आठ स्टेशन होंगे। दोनों कारिडोर में बर्रा-8 से नौबस्ता गल्ला मंडी के बीच का क्षेत्र मेट्रो की सुविधा से छूट रहा था। अगर इस रूट पर मेट्रो चलेगी तो दोनों क्षेत्र आपस में जुड़ जाएंगे और इस क्षेत्र की बड़ी आबादी सीधे बस अड्डे और रेलवे स्टेशन तक पहुंच सकेगी।
कानपुर सेंट्रल में कैंट साइट की तर्ज पर सिटी साइड में भी प्लेटफार्म को विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। इससे बुजुर्ग और दिव्यांग यात्रियों को काफी सहूलियत मिलेगी। बिना पैदल पुल पार किये या सुरंग के रास्ते को इस्तेमाल किये बगैर ही अब यात्री ट्रेनों में अपना सफर तय कर सकेंगे। अभी तक कानपुर सेंट्रल में इसके लिए सिर्फ प्लेटफार्म नंबर एक पर ही यह सुविधा मिल रही है। लेकिन बहुत जल्द अब सिटी साइड भी यात्रियों को ऐसी ही सुविधा मिलने वाली है।
रेल विभाग द्वारा लिए गए इस निर्णय से तीन प्लेटफार्म नये बन कर तैयार होंगे। इससे ट्रेनों के बढ़ते लोड के संचालन पर भी नियंत्रण पाया जा सकेगा। कानपुर सेंट्रल पर समय से पहुंचने के
...
more...
बाद भी अक्सर ट्रेनों को प्लेटफार्म खाली नहीं होने की वजह से आउटर पर काफी देर तक रोक दिया जाता है। तीन प्लेटफार्म बढ़ने से इस समस्या का काफी हद तक समाधान जो सकेगा। तीन प्लेटफार्म बढ़ने से ट्रेनें बेवजह की लेटलतीफी से भी बचेंगी।
बुजुर्ग और दिव्यांग यात्रियों को मिलेगी राहत
कानपुर सेंट्रल में अधिकतर सवारी सिटी साइड से ही ट्रेन पकड़ने का काम करती हैं। इसके लिए उनको पैदल पुल यह सुरंग के रास्ते प्लेटफार्म पर जाना होता है। लेकिन अब बहुत जल्द कानपुर सेंट्रल पर ट्रेन पकड़ने के लिए पुल पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सिटी साइड में टिकट मिलने वाली जगह पर अब बनी हुई जाली की दीवार को हटाने के साथ ही 3 नए प्लेटफार्म तैयार किये जायेंगे। प्लेटफार्म नंबर 9 की तरफ होने वाले इस परिवर्तन से सिटी साइट के यात्री सीधे ट्रेन पकड़ सकेंगे। खासतौर से लखनऊ शताब्दी ट्रेन जो अभी प्लेटफार्म नंबर चार या पांच पर आती है, वह 9 नंबर पर यात्रियों को भी सकेगी।
कानपुर सेंट्रल में होंगे 13 प्लेटफार्म
वर्तमान समय में कानपुर सेंट्रल में हर रोज लगभग 350 से अधिक ट्रेनों का आवागमन है सबसे व्यस्त स्टेशनों में से कानपुर सेंटर में मात्र 10 प्लेटफार्म ही है ऐसे में ट्रेनों का रूट बहुत ज्यादा हो चुका है कानपुर सेंट्रल को नए प्लेटफॉर्म ओं की जरूरत है रेल प्रशासन के सिटी साइड दो नंबर प्लेटफार्म की तरफ दिवाल हटाकर नए प्लेटफार्म विकसित की जाएंगी जिससे यह संख्या बढ़कर 10 से 13 हो जाएगी। प्लेटफार्म बढ़ाए जाने से ट्रेनों का लोड भी काफी कम होगा। प्लेटफार्म खाली ना होने की वजह से आउटर पर रुकने वाली ट्रेनें अब सीधे कानपुर सेंट्रल रुक सकेंगी।
Page#    414 news entries  next>>

Scroll to Top
Scroll to Bottom
Go to Mobile site
Important Note: This website NEVER solicits for Money or Donations. Please beware of anyone requesting/demanding money on behalf of IRI. Thanks.
Disclaimer: This website has NO affiliation with the Government-run site of Indian Railways. This site does NOT claim 100% accuracy of fast-changing Rail Information. YOU are responsible for independently confirming the validity of information through other sources.
India Rail Info Privacy Policy