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News Posts by Saurabh®

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May 17 (22:57) सुपर शेषनाग:कोयला लेकर एक साथ दौड़ी 4 मालगाड़ी (www.bhaskar.com)
New/Special Trains
SECR/South East Central
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News Entry# 486555  Blog Entry# 5348598   
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May 17 2022 (22:58)
Train Tag: Rewa - Ekta Nagar (Kevadiya) Mahamana Express/20906 removed by Saurabh®/1294142

May 17 2022 (22:57)
Station Tag: Korba/KRBA added by Saurabh®/1294142
Stations:  Korba/KRBA  
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर द्वारा रेलवे बोर्ड व रेल मंत्रालय के दिशा निर्देश में देश में व्याप्त कोयला संकट से निपटने नित नए प्रयोग किये जा रहे हैं। इसी कड़ी में सोमवार को 4 मालगाड़ियों को एक साथ जोड़कर सुपर शेषनाग के रूप में कोयला लोडिंग के साथ कोरबा की गेवरा व कुसमुंडा साइडिंग से नागपुर की ओर रवाना किया गया।
सुपर शेषनाग यहां से दोपहर 12 बजे रवाना हुई। जो चांपा, बिलासपुर, भाटापारा, रायपुर, दुर्ग भिलाई होते हुए नागपुर पहुंचेगी। जिसमें 240 वेगन व 4 लोकोमोटिव, 4 गार्ड डिब्बे शामिल थे। सुपर शेषनाग गाड़ी में 12 क्रू मेंबर भी मौजूद रहे जो गाड़ी का परिचालन कर रहे थे।
सुपर
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शेषनाग अब तक की सबसे लंबी ट्रेनपहली बार 4 जुलाई 2020 को भिलाई से कोरबा, फिर 7 जून 2021 को भिलाई से कोरबा तक एक साथ 3 मालगाड़ी चलाई। वापसी में कोयला लोड लेकर अब तक 2 मालगाड़ी जोड़कर दौड़ाई जा रही थी।
यह पहली बार है जब 4 मालगाड़ी जोड़कर कोयला लोड कर चलाया गया, जिसमें 20906 टन कोयला था। यह बिलासपुर रेलवे का नया रिकॉर्ड भी है।
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May 17 (22:57) चलती पैसेंजर ट्रेन पर गिरी हाईटेंशन लाइन:बिलासपुर-कटनी ट्रेन झटके से रुकी, बोगी के ऊपर चिंगारी निकलती देख भागे यात्री (www.bhaskar.com)
Crime/Accidents
SECR/South East Central
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News Entry# 486554  Blog Entry# 5348597   
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May 17 2022 (22:57)
Station Tag: Pendra Road/PND removed by Saurabh®/1294142

May 17 2022 (22:57)
Station Tag: Amlai/AAL added by Saurabh®/1294142

May 17 2022 (22:57)
Station Tag: Anuppur Junction/APR added by Saurabh®/1294142

May 17 2022 (22:57)
Station Tag: Pendra Road/PND added by Saurabh®/1294142

May 17 2022 (22:57)
Train Tag: Bilaspur - Katni MEMU Special/08747 added by Saurabh®/1294142
छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले से लगते मध्य प्रदेश की सीमा में बिलासपुर-कटनी मेमू (पैसेंजर) ट्रेन पर मंगलवार सुबह (OHE) हाईटेंशन तार टूटकर गिर गया। कोच के ऊपर से चिंगारी निकलती देख यात्रियों में भगदड़ मच गई। आनन-फानन में यात्री ट्रेन से कूदकर भागने लगे। हादसे में किसी जनहानि की खबर नहीं है। करीब सवा घंटे तक ट्रेन रास्ते में ही फंसी रही।
जानकारी के मुताबिक, बिलासपुर से कटनी के लिए रोज की तरह सुबह ट्रेन रवाना हुई। यहां से अनूपपुर पहुंची और सुबह करीब 9 बजे वहां से छूटकर शहडोल की ओर जा रही थी। इसी बीच अमलाई स्टेशन के पहले संजयनगर के पास अचानक ट्रेन झटके से रुक गई। बोगी के ऊपर से तेज आवाज के साथ चिंगारी गिरने लगी।
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खिड़की से यह देखकर अंदर बैठे यात्रियों में हड़कंप मच गया।
ट्रेन से उतर कर यात्री बाहर भागने लगे। देखते ही देखते कुछ ही मिनटों में सैकड़ों यात्रियों से भरी ट्रेन खाली हो गई। गनीमत रही कि तार में लगे चीनी मिट्‌टी का पैनल कोच से टकराया था। इसके कारण चिंगारी निकल रही थी। अगर बोगी से तार टकराता तो बड़ा हादसा हो सकता था। फिलहाल ट्रेन पिछले सवा घंटे से वहीं फंसी हुई थी। अब से कुछ देर पहले उसे कटनी के लिए रवाना किया गया है।
अफसरों को हादसे का पता ही नहीं
खास बात यह है कि हादसे को लेकर अफसरों के पास देर तक कोई जानकारी नहीं थी। रेलवे के CPRO साकेत रंजन से बात की गई तो उन्होंने अनभिज्ञता जताते हुए पता करने को कहा। फिर थोड़ी देर बताया कि पेड़ टूटकर गिरने से OHE लाइन का तार टूटा था। इसके आगे की जानकारी फिलहाल उनके पास नहीं है।
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छत्तीसगढ़ वर्ष 2000 में बना और उसके बाद से अब तक 22 साल में केवल 105 किमी ही नई रेललाइन ही बिछाई जा रही है। जिस वक्त छत्तीसगढ़ राज्य बना, यहां 1186 किमी की रेललाइनें थीं। ये 22 साल में बढ़कर 1291 किमी हुई हैं। औसत निकाला जाए तो प्रदेश में एक साल में औसतन 4.72 किमी पटरियां बिछाई जा सकी हैं। इसके मुकाबले रेलवे ने पड़ोसी राज्यों में रफ्तार से काम किया है। पड़ोसी राज्य तेलंगाना 2008 में बना, लेकिन यहां 202 किमी नई रेललाइनें बिछ गई हैं। छत्तीसगढ़ के साथ बने पड़ोसी राज्य झारखंड में 425 किमी से ज्यादा नया रेलवे ट्रैक बिछा दिया गया है, वह भी केवल 2014 से 2022 के बीच।
प्रदेश में 22 साल में जो
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प्रमुख रेल लाइनें पूरी हुई हैं, उनमें खरसिया से कोरिछापर 44 किमी, केवटी से अंतागढ़ करीब 17 किमी और गुदुम से भानुप्रतापपुर 17 किमी प्रमुख हैं। इस दौरान छत्तीसगढ़ में 428 किमी रेलवे ट्रैक को डबल और ट्रिपल करने का काम हुआ है। प्रदेश में 1246.55 किमी नई रेललाइन का नेटवर्क तैयार करने के लिए 6 बड़ी परियोजनाएं चल रही हैं। इनकी कुल लागत 25 हजार 792 करोड़ रुपए से भी अधिक है। लेकिन इसी में पिछले दो दशक में काम की धीमी रफ्तार की वजह से बड़ी योजनाओं के भविष्य पर सवाल उठने लगे हैं।
पड़ोसी राज्यों में रेललाइन बिछाने की रफ्तार
राज्य - नई लाइन - डबलिंग, ट्रिपलिंग
1. छत्तीसगढ़ - 105 किमी - 428 किमी
2. मध्यप्रदेश - 147 किमी - 363 किमी
3. महाराष्ट्र - 86 किमी - 535 किमी
4. आंध्रप्रदेश - 305 किमी - 437 किमी
5. तेलंगाना - 202 किमी - 146 किमी
6. उत्तर प्रदेश - 460 किमी - 672 किमी
7. ओडिशा - 293 किमी - 841 किमी
8. झारखंड - 425 किमी - 374 किमी
(केंद्रीय रेल मंत्रालय की ओर से वर्ष 2009 से 2021 के बीच जारी आंकड़ों के अनुसार)
प्रदेश में नई रेल लाइन बिछाने के ये प्रोजेक्ट
ईस्ट रेल कॉरिडोर फेस 1 - 3055.15 करोड़ रुपए लाइन : खरसिया-घरघोड़ा-डोंगा महुआ तक 131 किमी
ईस्ट रेल कॉरिडोर फेस 2 - 1686 करोड़ रुपए लाइन : धर्मजयगढ़ से कोरबा के बीच 62.5 किमी
ईस्ट वेस्ट रेल कॉरिडोर - 4970 करोड़ रुपए लाइन : गेवरा से पेंड्रा-उरगा-कुसमुंडा तक 138 किमी
राजहरा -रावघाट रेल परियोजना - 1622 करोड़, 95 किमी
रावघाट-जगदलपुर परियोजना - 2563 करोड़, 140 किमी
चिरमिरी-नागपुर हाल्ट रेल लिंक - 241 करोड़, 17 किमी
डोंगरगढ़--कवर्धा-मुंगेली-कटघोरा - 5950 करोड़, 295 किमी
खरसिया-ब. बाजार-नवा रायपुर-दुर्ग - 5705 करोड़, 268 किमी
अंबिकापुर-बरवाडीह रेललाइन - 182 किमी (सर्वे स्तर पर)
कटघोरा- सूरजपुर (परसा से मतीन) - (65 किमी, सर्वे स्तर पर)
ग्राउंड रिपोर्ट- कभी कोरोना में मजदूरों की कमी, कभी लोहा संकट
नवा रायपुर रेललाइन 4 साल में भी अधूरी
नवा रायपुर में जिन जगहों पर रेललाइन बिछाने का काम चल रहा है, वहां लाइनें कम और नहरों जैसी संरचना ज्यादा है। पुराने और नए शहर को जोड़ने के लिए 20 किमी लंबी मंदिर हसौद से केंद्री तक की नई रेल लाइन का काम 2018 में शुरु हुआ था, जो अब तक पूरा नहीं हो पाया है। निर्माण के वक्त ये पूरा प्रोजेक्ट 160 करोड़ का था। बाद में इसकी लागत घटाकर 80 करोड़ रुपए की गई, क्योंकि 5 स्टेशन नया रायपुर विकास प्राधिकरण बनवाएगा। इस लाइन का काम कोरोना और लोहे की कमी से पिछड़ा है
अभनपुर-राजिम ट्रैक का अपग्रेडेशन धीमा
केंद्री से अभनपुर होकर राजिम तक 67 किमी लंबे ट्रैक को ब्रॉडगेज में बदलने का काम सुस्त गति से चल रहा है। 2019 में इस योजना के लिए 544 करोड़ मंजूर हुए थे। केंद्री मुक्तांगन के बीच पटरियां उखाड़ने का काम देरी से शुरू हुआ। जमीन अधिग्रहण का पेंच भी इस प्रोजेक्ट में फंसा। 2022 तक इसको पूरा करने का टारगेट था लेकिन यह संभव नहीं दिख रहा। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ यात्रा के दौरान 1920 में इसी रूट से महात्मा गांधी ने भी यात्रा की थी। तब ये छोटी रेल लाइन हुआ करता था।
यही प्रोजेक्ट जो हुए पूरे
44 किमी खरसिया से कोरिछापर
17 किमी केवटी से अंतागढ़
17 किमी गुदुम से भानुप्रतापपुर
एक्सपर्ट व्यू : अरुणेंद्र कुमार,पूर्व चेयरमेन, रेलवे बोर्ड
धीमी रफ्तार के पीछे कई फैक्टर
पिछले 22 साल में 105 किमी रेलवे ट्रैक बनना धीमी रफ्तार को बताता है। हालांकि केवल नई लाइन ही नहीं, हमें यह भी देखना चाहिए कि कितने ट्रैक की डबलिंग या ट्रिपलिंग हुई है, कितनी नई गाड़ियां बढ़ी है, मालगाड़ियों के जरिए कितने माल की ढुलाई हुई, कितने यात्रियों का आवागमन बढ़ा। लाइन बिछाने की रफ्तार धीमी होने के पीछे जमीन अधिग्रहण का समय पर नहीं होना भी बड़ी वजह है।
रेललाइन निर्माण से जुड़ी भौगोलिक परिस्थितियों को समग्र रूप से देखने की जरूरत है। नई लाइन, दोहरी करण, तीसरी लाइन, चौथी लाइन, गेज कन्वर्जन, इलेक्ट्रिफिकेशन से यात्री सुविधाओं का विकास होगा। - साकेत रंजन, सीपीआरओ-एसईसीआर
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May 17 (22:49) रेल यात्रियों की बढ़ती परेशानी:डाेंगरगढ़, बिलासपुर और नांदगांव के लिए लाेकल ट्रेन नहीं, काउंटर से टिकट बंद (www.bhaskar.com)
Commentary/Human Interest
SECR/South East Central
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News Entry# 486552  Blog Entry# 5348592   
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May 17 2022 (22:50)
Station Tag: Raj Nandgaon/RJN added by Saurabh®/1294142

May 17 2022 (22:49)
Station Tag: Bilaspur Junction/BSP added by Saurabh®/1294142

May 17 2022 (22:49)
Station Tag: Dongargarh/DGG added by Saurabh®/1294142

May 17 2022 (22:49)
Station Tag: Raipur Junction/R added by Saurabh®/1294142
डाेंगरगढ़, बिलासपुर और राजनांदगांव के लिए लाेकल ट्रेन नहीं चलने से यात्रियों की परेशानी दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। रेलवे ने मालगाड़ियों से कोयले की ढुलाई के लिए कई लोकल और एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द कर दिया है। ये ट्रेनें एक महीने से ज्यादा समय के लिए रद्द कर दी गई हैं। काउंटर से जनरल टिकट नहीं मिलने से भी परेशानी हो रही है। ऑनलाइन टिकट लेने की समस्या से भी जूझना पड़ रहा है।
रेलवे ने दो जोड़ी मेमू पैसेंजर ट्रेनों को 5 से 24 मई तक रद्द किया है। डोंगरगढ़ से रवाना होने वाली ट्रेन नंबर 08706 डोंगरगढ़- रायपुर-बिलासपुर मेमू पैसेंजर स्पेशल नहीं चलेगी। इसी तरह 5 से 23 मई तक रायपुर से रवाना होने वाली ट्रेन नंबर 08709 रायपुर-डोंगरगढ़
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मेमू पैसेंजर स्पेशल रद्द है।
6 से 24 मई को डोंगरगढ़ से रवाना होने वाली ट्रेन नंबर 08709 डोंगरगढ़-रायपुर मेमू पैसेंजर स्पेशल का परिचालन बंद है। पहले ही रेलवे ने अपग्रेडेशन के नाम पर 20 एक्सप्रेस और पैसेंजर स्पेशल ट्रेनों को रद्द कर दिया था। ये ट्रेनें 25 मई तक रद्द रहेंगी।
डोंगरगढ़ से बिलासपुर के लिए भी कोई लोकल पैसेंजर ट्रेन नहीं है। ऐसे में लोगों को एक्सप्रेस ट्रेनोें में ज्यादा पैसे देकर सफर करना पड़ रहा है। काउंटर से टिकट नहीं मिल रहा, लेकिन वहीं पास में खड़े टीटीई पेनाल्टी लेकर टिकट काट देता है। यह दो से ढाई गुना ज्यादा महंगा पड़ रहा है। ऐसे में लोगों की जेब कट रही है।
एर्णाकुलम होकर चलेगी कोरबा-कोचुवेली एक्सप्रेस
दक्षिण रेलवे के एट्टुमानूर-कोट्टयम-चिंगावनम स्टेशनों में दोहरीकरण कमीशनिंग कार्य के कारण कोरबा से कोचुवेल्ली एक्सप्रेस इन दिनों परिवर्तित मार्ग से चल रही है। इस ट्रेन का परिचालन बदले हुए रुट से 25 मई तक किया जाएगा। यह ट्रेन 18, 21 और 25 मई को कोरबा से चलने वाली ट्रेन कोरबा-कोचुवेली एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग एर्णाकुलम-चेरतला-अल्पुज़हा-हरिप्पाड़-अंबलप्पुषा होकर जाएगी।
यह ट्रेन तृप्पुनित्तुरा-कोट्टयम-तिरुवल्ला-चेंगनूर-मावेलीक्करा र्टेशन होकर नहीं चलेगी। 23 व 26 मई को कोचुवेली-कोरबा एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग अंबलप्पुषा-हरिप्पाड़-अल्पुज़हा-चेरतला-एर्णाकुलम होकर चलेगी।
ट्रेन मावेलीक्करा-चेंगनूर-तिरुवल्ला-कोट्टयम-तृप्पुनित्तुरा नहीं जाएगी। निर्धारित तारीखों के बाद यह ट्रेन अप व डाउन दिशा में रुटीन रूट से चलाई जाएगी।
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कोयले की सप्लाई बाधित न हो इसलिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने सोमवार को 4 मालगाड़ियों को जोड़कर शेषनाग ट्रेन बनाई है, जिसमें 13500 टन कोयला लदा है। यह ट्रेन कोरबा से रवाना होकर रायपुर, भिलाई, पॉवर हाउस, दुर्ग होते हुए नागपुर गई। यह अ‌ाधी रात नागपुर पहुंच भी गई। दोपहर में 12 बजे ट्रेन कोरबा से रवाना हुई और शाम को 7.10 बजे रायपुर से होकर गुजरी। सभी वैगनों को मिलाकर लगभग 237 वैगन एवं 4 लोकोमोटिव, 4 गार्ड डिब्बे शामिल थे। इस ट्रेन में 12 क्रू मेंबर भी मौजूद हैं जो गाड़ी का परिचालन कर रहे हैं।
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